मानसिक रोग, तनाव, विचार आते रहना, अनिद्रा रोग का होम्योपैथिक दवा

मानसिक रोग, तनाव, विचार आते रहना, अनिद्रा रोग का होम्योपैथिक दवा


नमस्कार, मेरे चैनल में आपका स्वागत है और आज इस वीडियो में हम, मानसिक रोग के विभिन्न लक्षण और उसकी होम्योपैथिक दवा के बारे में जानेंगे, वीडियो को पूरा अवश्य देखें ताकि आप पूरी तरह समझ पाएं, तो आइये समझते हैं। विभिन्न प्रकार के मानसिक उपसर्गों में लक्षणानुसार निम्नलिखित औषधियों का प्रयोग हितकर सिद्ध होता है :- पहला लक्षण – नए मानसिक रोग में जिसमे मन दुःखी रहती हो, रोने का जी करे, किसी चीज से ख़ुशी न मिलती हो, मन में हजारों विचार आते रहें तो – Ignatia 200 दिन में एक बार 2 बून्द जीभ पर लें, अगर यही रोग पुराना हो जाए जैसे कि एक साल से ऐसी समस्या चल रही है तो Natrum Mur 200 एक बार 2 बून्द जीभ पर लें दिन में 1 बार, कुछ दिनों तक दवा के प्रयोग से समस्या ठीक हो जायेगा। दूसरा लक्षण – जीवन से निराशा, मरने की या आत्मघात करने की इच्छा, अगर ऐसा लक्षण है तो आप – Aurum Met 30 की 2 बून्द दिन में 2 बार सुबह और शाम जीभ पर टपकाएं, समस्या ठीक हो जायेगा। तीसरा लक्षण – नीद न आना, बेचैनी, करवटें बदलते रहना, थोड़ा नींद आना फिर जब नींद टूट जाए तब नींद आने में समस्या होना ऐसे में आप Reckeweg R14 की 20 बून्द आधे कप पानी डाल कर दिन में ३ बार लें, समस्या ठीक हो जायेगा। चौथा लक्षण स्मरण-शक्ति की कमी, मानसिक-खिन्नता, सुस्ती, उत्साह की कमी, दुबला-पतला शरीर होने पर भी राक्षसी-भूख तथा लोगों से अलग रहने की इच्छा वाले लक्षणों में Iodium 30 की 2 बून्द जीभ पर लें दिन में 2 बार, कुछ दिन लेने से समस्या ठीक हो जायेगा। पांचवा लक्षण – मानसिक रोग के रोगी को वैसे कोई बीमारी न होना परन्तु उसका स्वयं को बीमार ही समझते रहना तथा रात-दिन स्वस्थ होने की चिन्ता करते रहना, किसी के द्वारा पूछ-ताछ या बातचीत करने पर दु:खी होना, अपचा के लक्षण तथा चिड़चिड़ा स्वभाव होना, ऐसे में – Nux Vomica 30 दें। छठा लक्षण – अत्यधिक उदासी, दुःख, शोक , प्रेम में असफलता या कोई प्रियजन मर जाये तब का दुःख जो खत्म ही न हो तो – Acid Phos 30 सातवां लक्षण – अकेले जाने में भय लगना, समस्त शरीर में बेचैनी होना – Argentum Nitricum 30 2 बून्द सुबह और Phosphorus 30 २ बून्द शाम में जीभ पर। आठवां लक्षण – भीड़ में जाने में भय लगना – Aconite 30 2 बून्द सुबह और Platina 30 २ बून्द शाम में जीभ पर। नौवां लक्षण – ईर्ष्या का भाव, न चाहते हुए भी लोगों से ईर्ष्या और जलन होना – Lachesis 30 2 बून्द सुबह और Hyoscyamus 30 २ बून्द शाम में जीभ पर। दसवां लक्षण – झगड़ालू स्वभाव, हर समय लड़ना, जैसे पत्नी का पति से हर समय झगड़ा करते रहना, मन शांत न होना Nux Vomica 30 2 बून्द रात में , Ignesia 30 २ बून्द सुबह में जीभ पर, कुछ दिन दवा दें, अगर ठीक न हुआ तो 1 Dose Sulphur 200 का दे कर फिर से Nux Vomica 30 और Ignesia 30 को शुरू करें, समस्या ठीक हो जायेगा। इग्यारहवाँ लक्षण – स्मरण-शक्ति की कमी, याददास्त कमजोर होना, बातें या सामान रख कर भूल जाना जैसे लक्षण में – Acid Phos 30, 2 बून्द सुबह और शाम और साथ में Anacardium 30 2 बून्द सुबह और शाम में लें। बारहवां लक्षण – झगड़ालू अथवा अश्लील व्यवहार, बहुत झगड़ा करना, अश्लील बातें करना, गाली देना जैसे लक्षण में – Hyoscyamus 30 2 बून्द दिन में 2 बार सुबह और शाम जीभ पर टपकाएं। तेरहवां लक्षण – जिंदगी से दुखी, स्वयं की जिन्दगी को धिक्कारना, खुद को कोसना में – Antim Crud 30 २ बून्द सुबह जीभ पर, China 30 २ बून्द दोपहर में और Aurum Met 30 २ बून्द शाम में जीभ पर कुछ दिन लें। चौदहवां लक्षण – बहुत दिनों तक शोक-मग्न रहने के कारण होने वाला शारीरिक रोग, बहुत दिनों तक दुखी, उदास, निराश रहने के कारण अगर कोई रोग प्रकट हुआ हो – Acid Phos 30 का सेवन करें।

3 Replies to “मानसिक रोग, तनाव, विचार आते रहना, अनिद्रा रोग का होम्योपैथिक दवा”

  1. डा. साहब हमें डाक्टर ने G.A.D कि परेशानी बताया है. क्या आप के पास इस का इलाज है.

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